सफलतम साम्राज्यों में से एक रोम का इतिहास | Rome history in hindi

Rome के बारे में बात करना बड़ा रोचक होता है क्योंकि यह उस दौर की सभ्यता और शहर था जब civilization के लिए यह बहुत ही शुरूआती समय था | Romans का कहना है कि rome की स्थापना 783 BCE में हुई थी जबकि आधुनिक इतिहासकारों का मानना है कि यह समय 625 BCE का था जब रोम की स्थापना हुई तो चलिए जानते है Rome history के बारे में कुछ और बातें और कुछ रोचक तथ्य –


सफलतम साम्राज्यों में से एक रोम का इतिहास | Rome history in hindi

रोमन साम्राज्य का इतिहास | Rome history in Hindi

Rome के बारे में यह खास बात जानने लायक है कि पहले रोम पर राजाओं का शासन हुआ करता था लेकिन यह केवल सात राजाओं तक ही रहा उसके बाद खुद Romans ने अपने ही शहर पर कब्जा कर लिया और और फिर उन्होंने अपने ही प्रशासन को बनाया और शहर को खुद की देख रेख में चलाने लगे | उनकी खुद की एक काउंसिल थी जिसे “ सीनेट” के नाम से जाना जाता था और वही Rome पर शासन करती थी | इसी वजह से उन्हें ‘Roman Republic’ के नाम से अगर बुलाया जाये तो कोई हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए |


अब हम एक चीज और आपको बताते है कि ‘Republic’ शब्द जो है वो शब्द ही लैटिन भाषा के एक शब्द ‘res publica’ से आता है जो कि romans की भाषा थी | इस शब्द का मतलब होता है  ‘public matters’ या  ‘matters of state’ और उस समय सीनेट का केवल यह था कि वो शासन करने वाले राजा को उसके काम से जुडी सलाह दें और उसके बाद सीनेट ने एक consul को अप्पोइंट किया जिसने राजा की तरह लोगो पर शासन किया और इसकी नीव का उद्देश्य यह था कि हर साल इसी तरह के consul का चुनाव किया जायेगा और एक तरह से देखा जाये तो यह एक अच्छा विचार था क्योंकि इस तरह अप्पोइंट किये गये consul जनता पर शासन करने के लिए हठ वाले राजा की तरह बर्ताव नहीं कर सकते थे क्योंकि अगर वो तानाशाह की तरह बर्ताव करते तो उन्हें अगले साल के लिए चुने जाने वाले consul के द्वारा दण्डित किये जाने का भय होता |


Rome के अन्दर लोगो की स्थिति की बात करें तो उन्हें चार वर्गों में बांटा गया था और उसमें सबसे निम्न स्तर के लोग दास होते थे और उन्हें किसी भी तरह के कोई विशेष अधिकार नहीं होते थे उन पर अन्य लोगो का अधिकार हुआ करता था जो उन्हें किसी भी तरह से काम में ले सकते थे | अगले तरह के वर्ग के लोग पेलिबियन हुआ करते थे जिन्हें कुछ अधिकार प्राप्त थे और पर कहा जाता है कि वो लोग आन्तरिक मामलो में बेहद कम बोलते थे या कहा जा सकता है कि उनके पास इस मामले में सीमित अधिकार थे | दूसरे स्थान पर आने वाले वर्ग के लोग इक्विटेरियन थे जिन्हें कभी कभी ‘knights’ कहा जाता था और इनके पास इस नाम के होने का मतलब होता था घुड़सवार क्योंकि इन्हें सवारी के लिए घोडा दिया जाता था और एक इक्विटेरियन होने के लिए आपका समृद्ध होना जरुरी था | अब अगर हम बात करें सबसे ऊंचे वर्ग के लोगों की तो इन्हें  ‘patricians’ कहा जाता था और rome राज की असली शक्ति इन्ही लोगो के पास निहित थी | वैसे  Roman Republic सबसे सफल राज्यों में एक है क्योंकि इसकी शुरुआत 510 BC में हुई और इसका अंत 23 BC में हुआ | अगर हम आज के दौर के प्रशासनो की तुलना करें तो आजादी के बाद भारत को भी अभी 100 साल से अधिक नहीं हुए और अमरीका खुद  1776 से अस्तित्व में है यानि के 250 के करीब साल तो इस लिहाज से देखा जाये तो rome एक सफल राज्य रहा है |


Rome के लिए सबसे बड़ी चुनौती जो रही वो थी Carthaginians लोगो के साथ टकराव क्योंकि कार्थेज उत्तरी अफ्रीका में एक बहुत ही शक्तिशाली शहर था, जो बहुत रोम की तरह था, अपने ही साम्राज्य को नियंत्रित करता था। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई लंबी थी और जमीन और समुद्र पर हुई थी | सबसे प्रसिद्ध घटना तब हुई जब महान कार्थागिनियन जनरल हैनिबल ने अपने युद्ध-हाथियों सहित अपने सभी सैनिकों के साथ इटली के उत्तर में आल्प्स की पहाड़ी श्रृंखला को पार किया और इटली पर हमला किया। हालांकि अंत में रोम जीता और कार्थेज पूरी तरह से 146 ईसा पूर्व वर्ष में नष्ट हो गया था।


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